♏︎ वृश्चिक

प्यार में वृश्चिक राशि की अनुकूलता

वृश्चिक एक स्थिर जल राशि है और इसका स्वामी ग्रह प्लूटो है। जानें कि इस राशि के लोग कैसे प्यार करते हैं, किन राशियों से इनका तालमेल सहज है, और हर जोड़ी क्या लाती है।

वृश्चिक राशि के लोग कैसे प्यार करते हैं

वृश्चिक राशि के लोग गहराई से और पूरी तरह प्यार करते हैं। वे गहरा भरोसा और भावनात्मक ईमानदारी चाहते हैं, और एक बार रिश्ते में बंध जाएं तो बेहद वफ़ादार रहते हैं। उन्हें ऐसा पार्टनर चाहिए जो गहराई संभाल सके और कभी किसी का राज़ न खोले।

वृश्चिक राशि के लोग क्या देते हैं
जुनून, वफ़ादारी और ऐसी गहराई जो कम ही राशियां दे पाती हैं।
वृश्चिक राशि के लोगों को क्या चाहिए
भरोसा, ईमानदारी और भावनात्मक निकटता।

हर राशि के साथ वृश्चिक

नीचे हर जोड़ी को दोनों राशियों के तत्वों, उनके स्वभाव और उनके बीच के कोण से पढ़ा गया है। आपकी सूर्य राशि आपकी कुंडली का सिर्फ़ एक हिस्सा है; Karma पूरी जन्म कुंडलियों की तुलना करता है।

वृश्चिक और मेष

तालमेल बिठाना
तत्व
अग्नि और जल: जुनून गहराई से मिलता है। जल को लग सकता है कि उसकी सुनी नहीं जा रही, अग्नि को कि उसका जोश ठंडा किया जा रहा है। एक शुरुआत करता है, दूसरा उसे टिकाए रखता है: मंज़िल पर सहमति हो जाए तो यह एक मज़बूत जोड़ी है।
खूबियां
आप वह देख लेते हैं जो दूसरे से छूट जाता है, और यह आपको चुपचाप एक मज़बूत टीम बना सकता है।
टकराव
अलग तत्व और अलग लय: ऐसा लग सकता है जैसे आप दो अलग भाषाएं बोल रहे हों।
सुझाव
छोटी-छोटी दिनचर्याओं पर सहमति बनाएं; यहां वे बड़े इशारों से ज़्यादा काम आती हैं।
मेष

वृश्चिक और वृषभ

विपरीत
तत्व
पृथ्वी और जल: जल पृथ्वी को नरम करता है, पृथ्वी जल को सुरक्षित जगह देती है। परवाह और हिफ़ाज़त से भरा मेल। दो दृढ़ इच्छाशक्तियां: गहरी वफ़ादारी, पर असहमति में कोई भी आसानी से नहीं झुकता।
खूबियां
चुंबकीय आकर्षण: आप दोनों के पास ठीक वही है जो दूसरे में कम है।
टकराव
जो अंतर आपको आकर्षित करते हैं, वही तनाव के समय आपको एक-दूसरे से दूर खींच सकते हैं।
सुझाव
अपने अंतरों को टीम की खूबी मानें, स्कोरबोर्ड नहीं।
वृषभ

वृश्चिक और मिथुन

तालमेल बिठाना
तत्व
वायु और जल: दिमाग दिल से मिलता है। वायु समझाती है, जल महसूस करता है, और दोनों को एक-दूसरे की ओर आधा रास्ता चलना होता है। एक अडिग रहता है, दूसरा लचीला: एक ही रिश्ते में स्थिरता और बदलाव।
खूबियां
आप वह देख लेते हैं जो दूसरे से छूट जाता है, और यह आपको चुपचाप एक मज़बूत टीम बना सकता है।
टकराव
अलग तत्व और अलग लय: ऐसा लग सकता है जैसे आप दो अलग भाषाएं बोल रहे हों।
सुझाव
छोटी-छोटी दिनचर्याओं पर सहमति बनाएं; यहां वे बड़े इशारों से ज़्यादा काम आती हैं।
मिथुन

वृश्चिक और कर्क

सहज बहाव
तत्व
दो जल राशियां: गहरी सहानुभूति और अंतर्ज्ञान, और ऐसे मूड जो साथ-साथ उमड़ सकते हैं। एक शुरुआत करता है, दूसरा उसे टिकाए रखता है: मंज़िल पर सहमति हो जाए तो यह एक मज़बूत जोड़ी है।
खूबियां
स्वाभाविक मेल: साझा मूल्य, एक ही तत्व, और समझे जाने का एक शांत एहसास।
टकराव
अगर आप दोनों में से कोई कुछ नया न लाए, तो सुकून रूटीन में बदल सकता है।
सुझाव
एक-दूसरे को सरप्राइज़ देते रहें; रिश्ता आसान है, इसलिए मेहनत चिंगारी बनाए रखने में लगाएं।
कर्क

वृश्चिक और सिंह

तनाव
तत्व
अग्नि और जल: जुनून गहराई से मिलता है। जल को लग सकता है कि उसकी सुनी नहीं जा रही, अग्नि को कि उसका जोश ठंडा किया जा रहा है। दो दृढ़ इच्छाशक्तियां: गहरी वफ़ादारी, पर असहमति में कोई भी आसानी से नहीं झुकता।
खूबियां
गहरा आकर्षण और भरपूर ऊर्जा; आप एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
टकराव
आप एक ही पल में अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, और दोनों अपनी बात पर अड़ जाते हैं।
सुझाव
बहस के पीछे की ज़रूरत को नाम दें; अक्सर पता चलेगा कि आप उलटी चीज़ें नहीं मांग रहे।
सिंह

वृश्चिक और कन्या

दोस्ताना
तत्व
पृथ्वी और जल: जल पृथ्वी को नरम करता है, पृथ्वी जल को सुरक्षित जगह देती है। परवाह और हिफ़ाज़त से भरा मेल। एक अडिग रहता है, दूसरा लचीला: एक ही रिश्ते में स्थिरता और बदलाव।
खूबियां
आसान टीमवर्क: आप एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं और बातचीत अपने आप चलती है।
टकराव
क्योंकि सब आसान है, रिश्ता हल्का-फुल्का ही रह सकता है। गहराई को जान-बूझकर चुनना पड़ता है।
सुझाव
साथ मिलकर कुछ नया प्लान करें; यह जोड़ी तब चमकती है जब इसके पास कोई साझा प्रोजेक्ट हो।
कन्या

वृश्चिक और तुला

पड़ोसी
तत्व
वायु और जल: दिमाग दिल से मिलता है। वायु समझाती है, जल महसूस करता है, और दोनों को एक-दूसरे की ओर आधा रास्ता चलना होता है। एक शुरुआत करता है, दूसरा उसे टिकाए रखता है: मंज़िल पर सहमति हो जाए तो यह एक मज़बूत जोड़ी है।
खूबियां
आप दोनों के पास वह है जो दूसरा अभी सीख रहा है, और इससे रिश्ता दिलचस्प बना रहता है।
टकराव
आपके तरीके पास-पास तो हैं, पर कम ही मिलते हैं, इसलिए छोटी-छोटी गलतफ़हमियां जमा होती जाती हैं।
सुझाव
अंदाज़ा लगाने के बजाय पूछें; आपकी आदतें दिखने से ज़्यादा मिलती-जुलती हैं, पर एक जैसी नहीं।
तुला

वृश्चिक और वृश्चिक

एक ही राशि
तत्व
दो जल राशियां: गहरी सहानुभूति और अंतर्ज्ञान, और ऐसे मूड जो साथ-साथ उमड़ सकते हैं। दो दृढ़ इच्छाशक्तियां: गहरी वफ़ादारी, पर असहमति में कोई भी आसानी से नहीं झुकता।
खूबियां
आप एक-दूसरे में खुद को देखते हैं: वही सहज प्रवृत्तियां, वही रफ़्तार, समझाने की ज़रूरत बहुत कम।
टकराव
आपकी कमज़ोरियां भी एक जैसी हैं, और उन्हें संतुलित करने वाला कोई नहीं।
सुझाव
अपनी कुंडलियों के उन हिस्सों को जगह दें जो अलग हैं; वहीं से आप आगे बढ़ेंगे।

वृश्चिक और धनु

पड़ोसी
तत्व
अग्नि और जल: जुनून गहराई से मिलता है। जल को लग सकता है कि उसकी सुनी नहीं जा रही, अग्नि को कि उसका जोश ठंडा किया जा रहा है। एक अडिग रहता है, दूसरा लचीला: एक ही रिश्ते में स्थिरता और बदलाव।
खूबियां
आप दोनों के पास वह है जो दूसरा अभी सीख रहा है, और इससे रिश्ता दिलचस्प बना रहता है।
टकराव
आपके तरीके पास-पास तो हैं, पर कम ही मिलते हैं, इसलिए छोटी-छोटी गलतफ़हमियां जमा होती जाती हैं।
सुझाव
अंदाज़ा लगाने के बजाय पूछें; आपकी आदतें दिखने से ज़्यादा मिलती-जुलती हैं, पर एक जैसी नहीं।
धनु

वृश्चिक और मकर

दोस्ताना
तत्व
पृथ्वी और जल: जल पृथ्वी को नरम करता है, पृथ्वी जल को सुरक्षित जगह देती है। परवाह और हिफ़ाज़त से भरा मेल। एक शुरुआत करता है, दूसरा उसे टिकाए रखता है: मंज़िल पर सहमति हो जाए तो यह एक मज़बूत जोड़ी है।
खूबियां
आसान टीमवर्क: आप एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं और बातचीत अपने आप चलती है।
टकराव
क्योंकि सब आसान है, रिश्ता हल्का-फुल्का ही रह सकता है। गहराई को जान-बूझकर चुनना पड़ता है।
सुझाव
साथ मिलकर कुछ नया प्लान करें; यह जोड़ी तब चमकती है जब इसके पास कोई साझा प्रोजेक्ट हो।
मकर

वृश्चिक और कुंभ

तनाव
तत्व
वायु और जल: दिमाग दिल से मिलता है। वायु समझाती है, जल महसूस करता है, और दोनों को एक-दूसरे की ओर आधा रास्ता चलना होता है। दो दृढ़ इच्छाशक्तियां: गहरी वफ़ादारी, पर असहमति में कोई भी आसानी से नहीं झुकता।
खूबियां
गहरा आकर्षण और भरपूर ऊर्जा; आप एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
टकराव
आप एक ही पल में अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, और दोनों अपनी बात पर अड़ जाते हैं।
सुझाव
बहस के पीछे की ज़रूरत को नाम दें; अक्सर पता चलेगा कि आप उलटी चीज़ें नहीं मांग रहे।
कुंभ

वृश्चिक और मीन

सहज बहाव
तत्व
दो जल राशियां: गहरी सहानुभूति और अंतर्ज्ञान, और ऐसे मूड जो साथ-साथ उमड़ सकते हैं। एक अडिग रहता है, दूसरा लचीला: एक ही रिश्ते में स्थिरता और बदलाव।
खूबियां
स्वाभाविक मेल: साझा मूल्य, एक ही तत्व, और समझे जाने का एक शांत एहसास।
टकराव
अगर आप दोनों में से कोई कुछ नया न लाए, तो सुकून रूटीन में बदल सकता है।
सुझाव
एक-दूसरे को सरप्राइज़ देते रहें; रिश्ता आसान है, इसलिए मेहनत चिंगारी बनाए रखने में लगाएं।
मीन

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार इस कोण की सहजता, 2 से 5 तक।

वृश्चिक राशि अनुकूलता: सवाल-जवाब

वृश्चिक राशि के साथ सबसे ज़्यादा अनुकूल राशियां कौन-सी हैं?

शास्त्रीय ज्योतिष में वृश्चिक का तालमेल सबसे सहज कर्क, मीन, कन्या और मकर के साथ होता है: ये वे राशियां हैं जो इससे त्रिकोण या षडंश बनाती हैं, और इसका तत्व साझा करती हैं या उसकी पूरक होती हैं।

वृश्चिक राशि के लिए सबसे कठिन राशियां कौन-सी हैं?

वृश्चिक को सबसे ज़्यादा टकराव मेष, मिथुन, सिंह और कुंभ के साथ होता है, जो इससे केंद्र या 150° का कोण बनाती हैं। ये जोड़ियां फिर भी चल सकती हैं; बस इनमें ज़्यादा धैर्य और साफ़ बातचीत चाहिए।

क्या दो वृश्चिक राशि वाले साथ रह सकते हैं?

हां। एक ही राशि के दो लोग एक-दूसरे की सहज प्रवृत्तियों को जल्दी समझ लेते हैं। जोखिम यह है कि उनकी कमज़ोरियां भी एक जैसी होती हैं, इसलिए अच्छा रहता है जब उनकी कुंडली के दूसरे हिस्से अलग हों।

क्या सिर्फ़ सूर्य राशि की अनुकूलता काफ़ी है?

नहीं। यह बस शुरुआत है। चंद्रमा, शुक्र, मंगल और लग्न राशि प्यार के बारे में उतना ही बताते हैं जितना सूर्य। Karma पूरी जन्म कुंडलियों की तुलना करता है, इसलिए जिन दो लोगों की सूर्य राशियों का मेल कठिन है, वे भी एक-दूसरे के लिए बहुत अच्छा मेल हो सकते हैं।

Karma में अपनी पूरी कुंडलियों की तुलना करें

अपने पार्टनर, क्रश या दोस्त को उनकी जन्मतिथि के साथ जोड़ें और देखें कि आप कहां जुड़ते हैं और कहां टकराव हो सकता है, राशि दर राशि और ग्रह दर ग्रह।

प्रेम अनुकूलता कैसे काम करती है